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Other External Cause

विटामिन बी1 (थायमिन) की कमी क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, दुष्प्रभाव और उपचार

विटामिन बी1 (थायमिन) की कमी क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, दुष्प्रभाव और उपचार

थायमिन एक तरह का विटामिन होता है जिसे विटामिन बी 1 के रूप में भी जाना जाता है। विटामिन बी 1 पानी में घुलनशील और आवश्यक पोषक तत्व है। यह आठ सबसे महत्वपूर्ण बी विटामिनों में से एक है। यह कोशिकाओं द्वारा भोजन को ऊर्जा (Energy) में बदलने का काम करता है। थायमिन रक्तप्रवाह के जरिए एक कोशिका से दूसरे कोशिकाओं तक पहुंचते हैं। इसमें घुलने वाले गुण मौजुद हैं। इसलिए यह आपके शरीर में जमा नहीं होते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है। विटामिन बी1 कई खाद्य पदार्थों जैसे राजमा, सूरजमुखी के बीज, यीस्ट, अखरोट, दही, मकई और मांस आदि में पाया जाता है। इसकी कमी से शरीर में थायमिन की कमी हो सकती है। जिससे हृदय, प्रतिरक्षा प्रणाली और तंत्रिका तंत्र संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।

विटामिन बी1 के प्रकार-

विटामिन बी1 की कमी को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है जो निम्नलिखित हैं:

  • सूखी बेरीबेरी (Dried beriberi)-थायमिन का यह प्रकार आमतौर पर परिधीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह मांसपेशियों (Muscles) की ताकत को कम करता है। जिसके कारण मांसपेशियों में पक्षाघात (paralysis) का कारण बन सकता है।
  • गीली बेरीबेरी (Wet beriberi)-affects the cardiovascular and circulatory systems.
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बेरीबेरी (Gastrointestinal beriberi): गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बेरीबेरी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
  • शिशु बेरीबेरी (Infantile beriberi): इससे अधिकतर कुपोषित माताओं से जन्म लेने वाले बच्चे प्रभावित होते हैं।

थायमिन (विटामिन बी1) की कमी के लक्षण-

विटामिन बी1 की कमी से होने वाले कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं:

  • धुंधली दृष्टि (रतौंधी)- शरीर में नसों को स्वस्थ्य बनाए रखने में विटामिन बी एक प्रमुख भूमिका निभाता है। लेकिन पोषक तत्वों के कमी के कारण शरीर में इसकी कमी हो जाती है। जिससे व्यक्ति के आंख में ऑप्टिक तंत्रिका प्रभावित हो सकती है। परिणामस्वरूप रतौंधी या दृष्टि धुंधली हो सकती है।
  • थकान (tiredness)-विटामिन बी1 की कमी से शरीर में थकान (tiredness) महसूस होती है। यह शरीर में कम या लंबे समय तक रह सकता है जो बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है।
  • भूख में कमी- विटामिन बी 1 की कमी से असामान्य रूप से वजन कम हो सकता है क्योंकि भूख न लगना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। जो शरीर में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी का कारण होता है।
  • नस की क्षति- विटामिन बी1 की कमी से नसों को नुकसान पहुंचता है जिससे नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
  • मतली- शरीर में विटामिन बी1 की कमी से कुछ मामलों में मतली या उल्टी हो सकती है।
  • उन्माद- विटामिन बी1 की कमी से उन्माद हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को भ्रम, स्मृति हानि और मतिभ्रम का अनुभव करता है।
  • मिजाज़ (मूड स्विंग्स)- विटामिन बी1 की कमी से मूड स्विंग्स की परेशानी हो सकती है। जिससे ग्रसित लोग अधिक चिड़चिड़ापन या परेशान हो जाते हैं।

विटामिन बी1 की कमी के अन्य लक्षण-

विटामिन बी1 की कमी के अन्य लक्षणों में शामिल हैं-

  • शरीर में कमजोरी- विटामिन बी1 की कमी शरीर को प्रभावित करती है। इस प्रकार यह शरीर में कमजोरी का कारण बन सकती है।
  • गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाएं- विटामिन बी1 का अधिक सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होने के अलावा हानिकारक भी है। इसके अतिरिक्त विटामिन बी1 की कमी से शरीर में गंभीर एलर्जी हो जाती है।
  • पसीना आना- विटामिन बी1 की कमी के कारण पसीना आता है क्योंकि शरीर में गर्मी का अहसास होने लगता है।
  • बेचैनी- विटामिन बी1 की कमी से शरीर काफी थक जाता है और बेचैन रहता है।
  • सूजन- विटामिन बी1 की कमी से शरीर में सूजन आ जाती है।
  • शरीर में खुजली- विटामिन बी1 का सेवन कम करने से शरीर में खुजली उत्पन्न हो सकती है।
  • गले में खराश- विटामिन बी1 की कमी से गले में खराश या जीभ में सूजन आ जाती है।
  • त्वचा का रंग खराब होना- विटामिन बी1 की कमी से त्वचा रोग, जैसे पिगमेंटेशन, मुंहासे आदि पैदा होते हैं।

विटामिन बी1 की कमी होने के कारण-

विटामिन बी1 की कमी के कुछ जोखिम कारण निम्नलिखित हैं-

  • खाने के विकार जैसे बुलिमिय��� नर्वोसा और एनोरेक्सिया नर्वोसा ।
  • वजन कम करने की सर्जरी कराने पर।
  • डायलिसिस (गुर्दे की स्थिति का इलाज करता है)।
  • जीर्ण उल्टी होने पर।
  • रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि होने पर।
  • खाने के विकार जैसे बुलिमिया नर्वोसा और एनोरेक्सिया नर्वोसा ।
  • एड्स।
  • अधिक शराब की सेवन करने पर।
  • सांस संबंधी तकलीफ होने पर।
  • मूत्रवर्धक की उच्च खुराक लेने पर।
  • भावनात्मक एवं मानसिक तनाव।
  • पॉलिश चावल या अनाज जैसे समृद्ध आहार का सेवन करने से।
  • थायराइड बढ़ने पर।
  • एडिमा (शरीर के ऊतकों की सूजन) होने पर।

विटामिन बी1 की कमी के लिए सावधानियां-

  • हेमोडायलिसिस- हेमोडायलिसिस पर लोगों में विटामिन बी 1 का स्तर कम हो जाता है और उन्हें विटामिन बी 1 की खुराक की आवश्यकता हो सकती है।
  • शराब का सेवन विकार- जो लोग अक्सर शराब का सेवन करते हैं। खासकर उन लोगों में विटामिन बी1 का स्तर कम होने लगता है। ऐसे में उन्हें विटामिन बी1 की खुराक की आवश्यकता हो सकती है।
  • यकृत रोग-पुरानी लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों में अक्सर विटामिन बी 1 का स्तर कम होता है और उन्हें विटामिन बी 1 की खुराक की जरुरत पड़ सकती है।
  • गर्भावस्था और स्तनपान- गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान विटामिन बी1 की अधिक मात्रा में सेवन करना असुरक्षित माना जाता है।
  • संतान- विटामिन बी1 पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन विटामिन बी1 की अधिक मात्रा में सेवन शिशुओं या बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

विटामिन बी1 की कमी का इलाज-

शरीर में विटामिन बी1 के स्तर को बढ़ाना ही उपचार का लक्ष्य है। इसलिए व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य या विटामिन की पूर्ति के लिए, डॉक्टर विटामिन बी 1 को मौखिक या इंजेक्शन के रूप में लेने का सुझाव देता है। इसके अलावा डॉक्टर अन्य सप्लीमेंट लेने का भी सुझाव देते हैं।

विटामिन बी1 की कमी को दूर करने के घरेलू उपाय-

विटामिन बी1 से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने से इस कमी को दूर करने में मदद मिलती है। यह खाद्य पदार्थ निम्नलिखित हैं-

  • शिमला मिर्च- शिमला मिर्च विटामिन से भरपूर होती है और विटामिन बी1 की कमी के जोखिम को कम करने में मदद करती है।
  • आलू-आलू विटामिन बी1 का अच्छा स्रोत है जो विटामिन बी1 की कमी को प्रभावी ढंग से कम करता है।
  • मूंगफली- मूंगफली थायमिन और प्रोटीन से भरपूर होती है। इसलिए शरीर में विटामिन बी1 की आपूर्ति को पूरा करने के लिए नियमित रूप से मूंगफली या पीनट बटर का सेवन करना चाहिए।
  • दूध- दूध विटामिन और अन्य खनिजों में समृद्ध है जो विटामिन बी 1 की कमी के इलाज के लिए प्रभावी होते हैं।
  • चावल की भूसी- चावल की भूसी के अर्क में प्रचूर मात्रा में विटामिन बी 1 पाया जाता है जो इसके कमी को दूर करने में सहायक होते हैं।
  • साबुत अनाज- अनाज की बाहरी परत में विटामिन बी1 भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसलिए, विटामिन बी 1 से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज का सेवन करने से शरीर में विटामिन के कुल स्तर में वृद्धि होती है।
  • फलियां- फलियों का प्रयोग दैनिक आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है। इससे शरीर को आवश्यक मात्रा में विटामिन बी1 मिलती है। फलियां के साथ-साथ इसके बीज एवं मेवा भी विटामिन बी 1 से भरपूर होता है। इसलिए यह विटामिन बी 1 की कमी को ठीक करता है।

स्वस्थ और संतुलित आहार-

थायमिन की कमी को दूर करने के लिए एक स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन घरेलू उपचारों में से एक है। जिसमें आवश्यक विटामिन, मिनरल एवं अन्य पोषक तत्व शामिल हैं। इन खाद्य पदार्थों में साबुत अनाज, बीज, ब्रेड, आटा, चावल, पास्ता, संतरे, राजमा और पालक जैसी फल एवं सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा, विटामिन बी1 के कुछ अन्य आहार स्रोतों में सूअर का मांस, अंडे, नट्स, ओट्स, साबुत अनाज और यीस्ट शामिल हैं।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

ज्यादातर मामलों में, बेरीबेरी के उपचार इसके लक्षणों को कम करते हैं । इसके कारण हृदय या तंत्रिका तंत्र को होने वाली समस्याएं भी दूर होती है। इसलिए आप को भी यदि विटामिन बी1 की कमी के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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