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जानें, आयुर्वेद में अंगूर के फायदे और महत्व

जानें, आयुर्वेद में अंगूर के फायदे और महत्व

अंगूर एक लोकप्रिय, स्वादिष्ट और पौष्टिक फलों में से एक है। अंगूर मुख्य रूप से दो रंग के होते हैं। पहला हल्के हरे रंग और दूसरा काले रंग के। इस फल में खूब विटामिन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिनमें भरपूर औषधीय गुण पाए जाते हैं। अंगूर खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और दिल दुरुस्त रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन में अंगूर को शामिल करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। इसलिए आयुर्वेद में अंगूर को सेहत का खजाना बताया गया है।

 
आयुर्वेद में अंगूर का महत्व-

औषधीय गुणों से भरपूर होने के वजह से आयुर्वेद में अंगूर को उत्तम दर्जे का माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर ठंडी होती है। अंगूर में विटामिन ए, सी, बी6, फोलेट के अलावा कई प्रकार के मिनरल्स जैसे पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और सेलेनियम भी पाए जाते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इस रूप में अंगूर हृदय संबंधित रोग और अन्य बीमारियों से बचाव करने में मदद करता है। इसका मुख्य घटक रेस्वेराट्रोल (resveratrol) यानी एक प्रकार का पॉलीफेनोल है। जो मानव रोगों में विभिन्न औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसी कारण अंगूर का उपयोग कई बीमारियों के खिलाफ दवाइयां बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य लाभ के लिए इससे बने तेल का कई प्रकार से उपयोग किया जाता है। इसमें भोजन पकाने, शरीर की मालिश करने के लिए बॉडी ऑयल के रूप में, बालों को स्वस्थ रखने के लिए हेयर ऑयल के रूप में, सौंदर्य समस्याओं को दूर करने के लिए सीधे त्वचा पर लगाना शामिल है।

 
अंगूर के फायदे-
ह्रदय को स्वस्थ्य बनाये रखने में सहायक-

अंगूर हृदय को स्वस्थ रखने में बेहद लाभदायक होता है। इसमें विविध प्रकार के फायटोन्यूट्रियन्ट्स पाए जाते हैं। जो हृदय प्रणाली की रक्षा करने में सक्षम होते हैं। यह हृदय पर ऑक्सीडेशन से होने वाली क्षति पर रोक लगा कर हृदय रोगों को बढ़ने से पहले ही रोक देते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने का काम करता है। जो एक स्वथ्य हृदय के लिए बहुत जरूरी होता है।

 
इम्यूनिटी के लिए लाभप्रद-

अंगूर रोग-प्रतिरोधक (इम्युनिटी) क्षमता को बढ़ाता है। अंगूर में विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है। जिसका इम्यूनिटी बूस्ट करने में अहम रोल होता है। विटामिन सी के अतिरिक्त इसमे विटामिन ई भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहयोग करता है। इसलिए अंगूर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

 
ब्लड प्रेशर के लिए-

अंगूर रक्तचाप सामान्य करने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद गामा-लिनोलेइक एसिड, जो एक प्रकार का एंटी- इंफ्लामेंटरी फैटी एसिड है। जिसका मुख्य काम नसों को आराम पहुंचाने का होता है। इसके साथ ही यह शरीर में रक्त के प्रवाह को भी सामान्य बनाए रखने में सहायता करता है। जिससे शरीर में रक्तचाप सामान्य बना रहता है।

 
डायबिटीज की समस्या में फायदेमंद-

अंगूर के फायदे डायबिटीज से जुडी समस्याओं का समाधान करने के लिए भी जाना जाता है। अंगूर लिपिड का अच्छा स्रोत माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमे लिपिड की पर्याप्त मात्रा मौजूद हो, उनका सेवन करना डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद रहता है।

 
स्वस्थ्य कोलेस्ट्रॉल बनाए रखने में सहायक-

अंगूर में पाए जाने वाला पॉलीफेनोल्स में हायपोलिपिडेमिक (hypolipidemic) इंसुलिन के उत्पादन को नियंत्रित कर स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह घटक  "खराब" (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए प्रभावशाली माना जाता है। क्योंकि यह धमनियों को सख्त होने से रोकता है। वहीं, हृदय की मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने के खतरे को भी कम करता है। इसलिए स्वास्थ्य कोलेस्ट्रॉल के लिए अपनी डाइट अंगूर का सेवन जरूर करना चाहिए।

 
किडनी की कार्यप्रणाली में सुधार करने में-

अंगूर के बीजों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट किडनी स्टोन, बार-बार पेशाब आना, मूत्राशय की उच्च गतिविधि आदि जैसे किडनी से संबंधित समस्याओं को ठीक करने और रोकने में मदद करते हैं। जिससे किडनी की सही कार्यप्रणाली सुनिश्चित होती है। इस प्रकार अंगूर बीज के पाउडर का सेवन किडनी की समस्या से बचाव में सहायक होता है।

 
कब्ज के लिए-

बदलते परिवेश और गलत खान-पान के कारण कई लोग कब्ज से परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए फाइबर युक्त डाइट जरूर लेनी चाहिए । वहीं, अंगूर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। जो कब्ज की परेशानी को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है। 

 
कैंसर से बचाव में असरदार-

अंगूर एंटीओक्सीडेंट्स एवं फायटोकैमिकल्स का एक समृद्ध स्रोत है। इसलिए यह कैंसर को शरीर पर कब्जा करने एवं ट्यूमर के विकास को रोकता है। साथ ही कैंसर की कोशिकाओं (cancer cells) को नष्ट भी करता है। अंगूर स्तन के कैंसर को रोकने में विशेष रूप से फायदेमंद है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडैंट और एंटी-कैंसर गुण मौजूद हैं। जो स्तनों के कैंसर से बचाव करने में सहायक होते हैं।

 
हड्डियों को मजबूत बनाने में कारगर-

अंगूर मिनरल्स एवं फायटोकैमिकल्स का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। इसलिए इसमें मौजूद तत्व, ऑस्टियोपोरोसिस और रूमेटोइड गठिया जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट (antioxidants) भी निहित होते हैं। जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं। इसमें पाए जाने वाला प्रोएंथोस्यानिडींस (proanthocyanidins) नामक पॉलीफेनोल हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। इसके अलावा अंगूर का सेवन शरीर में सूजन और मुक्त कणों के उत्पादन को भी रोकता है। जो हड्डियों को नुकसान पहुंचाते हैं।

 
दमा के लिए-

मौसम में बदलाव, धूल-मिट्टी और प्रदूषण दमा के मरीजों के लिए काफी हानिकारक साबित होते हैं। ऐसे में अपने डाइट में अंगूर शामिल करने से दमा के लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। दरअसल, वायुमार्ग में सूजन दमा का मुख्य कारण है। शोध में पाया गया कि अंगूर के बीज में मौजूद प्रोएंथोसायडीन (Proanthocyanidin) सूजन को कम करता है। जो दमा के लिए एक अच्छा उपचार साबित हो सकता है। साथ ही अंगूर में फ्लैवोनॉइड्स एवं फेनालिक एसिड होता है। जो वायुयान में यात्रा करने पर फेफड़ों में आने वाली सूजन को कम करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाता है। इसके अलावा अंगूर अस्थमा पीड़ित रोगी को भी स्वतंत्र रूप से सांस लेने में सहायता करता है।

 
मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए-

अंगूर का सेवन कई तरह के मानसिक रोगों के लिए भी फायदेमंद होता है। एक शोध के अनुसार ऐसा पाया गया कि अंगूर मस्तिष्क में ऑक्सीजन को बढ़ाने और मानसिक कमजोरी को कम करने का काम करता है। अंगूर अल्जाइमर (Alzheimer) यानी भूलने की बीमारी में भी बहुत लाभदायक माना गया है। इसके अलावा अंगूर में फ्लेवोनोइड्स और रेस्वेराट्रोल्स एंटीऑक्सीडेंट भी होता है। जो दिमाग को तेज करने और उसकी कोशिकाओं को स्वस्थ बनाने का काम करता है।

 
त्वचा के लिए फायदेमंद-

अंगूर का सेवन त्वचा के लिए बेहद अच्छा होता है। यह त्वचा की सेहत का ध्यान रखने का काम करता है। इसमें मौजूद एंटीआक्सीडेंट और रेस्वेराट्रॉल (Resveratrol) त्वचा से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन ई भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा अंगूर के बीज से बने ऑयल को त्वचा पर लगाने से फाइन लाइन, मुहांसे, झुर्रियों और एजिंग की समस्या दूर होती है। है। यह तेल त्वचा की लोच में सुधार करता है और इसकी नमी के स्तर को बनाए रखता है।

 
बालों के लिए फायदेमंद-

अंगूर एक पौष्टिक फल हैं। जिसका सेवन बालों के लिए हितकारी होता हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को स्वस्थ्य बनाने और उन्हें मजबूती प्रदान करने का काम करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई बालों को जरूरी पोषण देता है। साथ ही बालों के विकास को भी बढ़ावा देने का काम करता है। इसके अलावा अंगूर के बीज का तेल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है।

 
अंगूर के नुकसान-
  • अंगूर का अधिक सेवन हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • अंगूर का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से यह वजन बढ़ा सकता है।
  • इसका अधिक मात्रा में सेवन अपच का कारण बन सकता है।
  • अंगूर का अधिक मात्रा में सेवन स्पर्म की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
कहां पाया जाता है अंगूर-

नाशिक को भारत की अंगूर की राजधानी और देश से अंगूर के सबसे अच्छे निर्यात के रूप में जाना जाता है। वहीं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, मिजोरम, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

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