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काजू के फायदे और नुकसान

काजू के फायदे और नुकसान

काजू एक प्रकार का सूखा मेवा (ड्राई फ्रूट्स) है। जिसका प्रयोग मीठे और मसालेदार दोनों तरह के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि काजू का इस्तेमाल सिर्फ खाने भर तक सीमित हो। क्योंकि काजू कई तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात दिलाने में भी मदद करता है। काजू में तमाम प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं। जो शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का काम करते हैं। आयुर्वेद में भी इसके पौष्टिक गुण कई तरह की बीमारियों को दूर एवं ठीक करने में सहायता करते हैं। काजू के सेवन से दांतों का दर्द, दस्त, कमजोरी जैसे अनेक रोगों में आराम मिलता है।

 
क्या है काजू?

काजू का पेड़, आम के पेड़ की तरह सदा हरा-भरा और मध्यम आकार का होता है। इसकी ऊंचाई लगभग 12 मी. होती है। इसकी शाखाएं मुलायम और पत्ते कटहल के पत्ते जैसे होते हैं। वहीं, इसके छोटे फूल पीले रंग और गुलाबी धारियों वाले होते हैं। इन फूलों में ही एक सफेद गिरी होती है। जिसे काजू कहा जाता है। काजू का आकार कुछ-कुछ गुर्दे की तरह होता है। जो एक प्राकृतिक विटामिन की गोली के रूप में प्रसिद्ध है। काजू में अद्भुत पोषण संबंधी लाभ होते हैं। जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। आमतौर पर काजू का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों और मिठाइयों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। काजू का वानास्पतिक नाम एनाकार्डियम ऑक्सीडेन्टेल (Anacardium occidentale) और अंग्रेजी का नाम कैश्यू नट (Cashew nut) है।

 
काजू के फायदे:
पाचन तंत्र के लिए

काजू में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। चूंकि फाइबर पाचन क्रिया को ठीक करके कब्ज और अल्सर जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। इसलिए काजू खाने से पाचन-तंत्र मजबूत होता है।

 
दांतों के लिए

दांतों के लिए कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है। चूंकि काजू को कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत कहा जाता है। जो दांतों के विकास और उनकी मजबूती को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है।

 
त्वचा के लिए

काजू में प्रोटीन और विटामिन-ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। जो त्वचा के स्वास्थ्य और सौंदर्य को बढ़ावा देने का काम करते हैं। इसके अलावा काजू के सेवन से बढ़ती उम्र के लक्षणों, झुर्रियों और सूर्य की किरणों के हानिकारक प्रभावों से भी बचा जा सकता है।

 
रक्तचाप के लिए

एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, काजू से बना सप्लीमेंट, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (Systolic Blood Pressure) को कम करने में मदद करता है। इसलिए रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए काजू को अच्छा विकल्प समझा जाता है।

 
हृदय स्वास्थ्य के लिए

काजू को उन नट्स की श्रेणी में रखा जाता है। जो हृदय को स्वस्थ रखने और शरीर को लाभ पहुंचाने का काम करते हैं। दरअसल काजू में बायोएक्टिव मैक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। जो हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का काम करते हैं।

 
डायबिटीज के लिए

मैग्नीशियम को डायबिटीक फ्रेंड कहा जाता है। चूंकि काजू को मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को स्टेबलाइजर करने में सहायता करता है। परिणामस्वरू��� डायबिटीज नियंत्रित होने लगती है।

 
हड्डियों के विकास के लिए

काजू में कैल्शियम और मैग्नीशियम की उच्च मात्रा होती है। जो हड्डियों के विकास में सहायता कर, ऑस्टियोपोरोसिस (कमजोर और नाजुक हड्डियों) की बीमारी को रोकने में मदद करती हैं। इसलिए हड्डियों के विकास के लिए काजू को अच्छा माना जाता है।

 
बालों के लिए

काजू में आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जिंक जैसे तमाम पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो बालों के विकास में सहायता कर, बालों की चमक और मजबूती को बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

 
स्वस्थ दिमाग के लिए

काजू में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। मैग्नीशियम मस्तिष्क के रक्त प्रवाह में सहायक और मस्तिष्क की चोट को दूर करने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा मैग्नीशियम में कुछ एंटीडिप्रेसेंट गुण भी होते हैं। जो अवसाद और तनाव को दूर करने में भी मदद करते हैं। इसलिए काजू को स्वस्थ दिमाग के लिए बढ़िया उपाय माना जाता है।

 
रक्त के लिए

काजू कॉपर और आयरन का अच्छा स्रोत है। जो लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर, शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा आयरन रेड ब्लड सेल्स निर्माण को बढ़ाकर एनीमिया जैसे रक्त विकार को दूर करने में भी मदद करता है।

 
गर्भावस्था के लिए

काजू में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद हैं। जो प्रेग्नेंट महिला के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इसमें पाए जाने वाले कैल्शियम और मैग्नीशियम गर्भवती महिला के स्वास्थ्य और भ्रूण की हड्डियों के विकास में मदद करते हैं। इसके अलावा मैग्नीशियम जन्म के समय शिशु के वजन में होने वाली कमी और गर्भवती के बढ़ते रक्तचाप को रोकने में भी मदद करता है।

 
कैंसर के लिए

माना जाता है कि काजू के अर्क में अनाकार्डिक एसिड मौजूद होता है। यह अनाकार्डिक एसिड कैंसर मेटास्टेसिस (शरीर में कैंसर फैलने की प्रक्रिया) को रोकने में मददगार साबित होता है। इसलिए कैंसर से बचाव में काजू को अच्छा और उपयोगी उपाय माना जाता है।

 
काजू का उपयोग
  • काजू को खीर और हलवे में ड्राई फ्रूट्स के रूप में डालकर खाया जाता है।
  • काजू को ड्राई फ्रूट्स के तौर पर सीधे भी खाया जाता है।
  • काजू कतली जैसी मिठाई के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।
  • काजू का उपयोग शाही पनीर जैसी कुछ खास सब्जियों में भी किया जाता है।
  • काजू को घी में भून कर, हल्का नमक डालकर स्नैक्स के रूप में खाया जाता है।
काजू के नुकसान
  • चूंकि काजू में उच्च मात्रा में कैलोरी होती है। इसलिए इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है।
  • चूंकि काजू में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। इसलिए काजू का अधिक मात्रा में सेवन करना कब्ज और गैस की समस्या पैदा कर सकता है।
  • चूंकि काजू में सोडियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसके अधिक सेवन से उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और हृदय से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं।
  • चूंकि काजू पोटेशियम से समृद्ध होता है। इसलिए इसके अधिक सेवन से दिल का धड़कना अचानक बंद हो सकता है और किडनी भी खराब हो सकती है

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